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क्या विजय हुई माल्या की तरह नीरव और कोठारी भी मौन हो जाएंगे या फिर सरकार ठोस कदम उठाएगी?

Posted by Somnath Tiwary
February 20, 2018

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अगर भारत के बैंको की बात करे तो पंजाब नेशनल बैंक भारत का दूसरा सबसे बड़ा बैंक है।

जो कि अविभाजित भारत के लाहोर शहर में 1895 में स्थापित हुआ था, तथा इसे पहला भारतीय बैंक होने का गौरव प्राप्त है जो पूर्णतः भारतीय पूँजी से प्रारंभ किया गया था।

परन्तु इस गौरव पर अब संकट के बादल छा गए है। क्योंकि पंजाब नेशनल बैंक में देश का सबसे बड़ा घोटाला हुआ है, यह घोटाला करीब 11400 करोड़ रुपए से भी ज्यादा का है।

पीएनबी ने शेयर बाजार को मुंबई स्थित शाखा में घोटाले की जानकारी दी।

इस घोटाले में नीरव मोदी को मुख्य आरोपी माना जा रहा है, जो कि पेशे से आभूषणों और हीरा का कारोबारी है।

नीरव मोदी फोर्ब्स की भारतीय अमीरों की सूची में भी सामिल रहे हैं।

घोटाले के बाद से नीरव मोदी अपने परिवार के साथ देश छोड़ चुके है, अभी तक पता नहीं चल पाया है कि वो किस देश में है। ऐसे में इनकी और विजय माल्या की कहानी मिलती जुलती नजर आती है।

पर ऐसे हालात में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या वाक़ई हमारे देश की अर्थव्यवस्था सुरक्षित है?

तथा क्या हमारे देश के नागरिकों द्वारा चुकाया जाने वाला टैक्स हमारे देश हित के काम आ रहा है?

घोटाला सामने आने के बाद पीएनबी ने अपने कई अधिकारियों को निलंबित कर दिया तथा पीएनबी की शिकायत पर सीबीआई ने नीरव मोदी उनके भाई निसाल, पत्नी एमी और मेहुल चीनउभाई चूकसी ने बैंक अधिकारियों के साथ साजिस में बैंक के साथ धोखाधड़ी करने और उसके गलत से नुकसान पहुंचाने का केस दर्ज किया है।

इनके साथ ही चार बड़ी आभूसन कंपनीया गीतांजलि, गिन्नी, नक्षत्र और नीरव मोदी जांच के घेरे में है। सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय उनकी विभिन्न बैंक से साठ गांठ और धन की अंतिम स्तेमाल की जांच कर रहे है।

क्या आम लोग भी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी के शिकार हुए हैं?

एक खबर के अनुसार दिल्ली के रहने वाले वैभव खुराना का यह आरोप है कि नीरव मोदी और मेहुल ने गीतांजलि के फ्रेंचाइजी देने के नाम पर धोखाधड़ी की है तथा उनपर खराब क्वालिटी के ज्वारत बेचने का भी आरोप है।

इतना ही नहीं पीएनबी के बाद एक और बड़ा घोटाला का आरोप सामने आया है जी हां 5000 करोड़ के घोटाले के साथ एक और बड़ा नाम सामने आ चुका है, इस घोटाले के तार कानपुर के उद्योगपति विक्रम कोठारी से जुड़े है। औरो की तरह रेटॉमक ग्लोबल कंपनी के मालिक कोठारी इस समय कहा है किसी को भी पता नहीं है।

कौन है विक्रम कोठारी?

पान पराग समूह में पारिवारिक बंटवारे के बाद कोठारी के हिस्से में रेटॉमक कंपनी आई थी, और इसके विस्तार के लिए उसने सार्वजनिक क्षेत्र की बैंको से 5 करोड़ से अधिक के ऋण लिए। अब विक्रम की कंपनी पर ताला जड़ चुका है विक्रम कोठारी का नाता पान पराग समूह से भी रहा है।

पान मसालो का सरताज रहा यह ब्रांड गुजराती परिवार से ताल्लुक रखने वाले मनसुख भाई ने 18 अगस्त 1973 को सुरू किया था। सन् 1983 से 1987 के बीच पान पराग विग्यापन देने वाली सबसे बड़ी कंपनी बनी, मनसुख भाई के निधन के बाद उनके बेटे दीपक और विक्रम ने बिजनेस को आपस में बांट लिया। कभी सलमान खान भी रेटॉमक कंपनी के ब्रांड एंबेसडर हुआ करते थे, जिससे कंपनी ने काफी मुनाफा कमाया।

यह प्रथम बार नहीं है, वर्ष 2015 में भी बैंक ऑफ बड़ौदा से दिल्ली के दौ कारोबारियों द्वारा 6000 करोड़ के धोखाधड़ी का मामला सामने आया था।

इन सब चीजों के कारण सीधा सवाल हमारे देश की बैंकिंग सिस्टम के ऊपर उठ रहा है।

जिस देश में सेकडो किसान अपना कर्ज भरते भरते थक हारकर आत्महत्या कर लेते हैं, क्या ऐसे देश में नीरव मोदी जैसे लोगो पर सख्त कार्रवाई नहीं होनी चाहिए?

सरकारी अंकड़ो के अनुसार वर्ष 2015 में 80 प्रतिशत किसानो ने इसलिए आत्महत्या करलि क्योंकि वे बैंक द्वारा लिए गए कर्ज चुकाने में असमर्थ थे।

नेशनल क्राइम ब्रांच के अनुसार वर्ष 2015 में पूरे देश भर में 3000 किसानों ने आत्महत्या की थी, जिसमे से 2474 लोगों ने बैंक से लोन ली थी।और न जाने कितने किसान हर वर्ष बैंक तथा अन्य जगहों का कर्ज ना चुका पाने के कारण हताश होकर अपनी जान गवां बैठते है।

अगर नीरव मोदी और विजय माल्या जैसे लोगों के घोटाले वाले रकम इन गरीब किसानों की कर्ज माफी मे लगा दी जाती तो ना जाने अब तक कितने किसानो की जान बच गई होती तथा उनके दिमाग में कभी आत्महत्या का विचार नहीं आता।

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