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भूख के लिए सामान्य चोरी पर सजाए मौत और हज़ारों करोड़ की चोरी पर विदेश यात्रा?

Posted by Somnath Tiwary
February 24, 2018

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वाकई हमारा देश बदल रहा है, सायद अब यही देखना बाकी था अभी बीते कुछ दिनो पहले नीरव मोदी पर 11400 करोड़ से अधिक के घोटाले का आरोप लगा था जिस पर अब तक हमारे देश के कानून का हाथ नहीं पहुंच पाया है।

परंतु कुछ लोगों के लिए ये हज़ार करोड़ के घोटाले कोई मायने नहीं रखते जो कि देश के सबसे अधिक पढ़े लिखे जगहो कि गिनती में आने वाले वाले केरल में देखने को मिला। यहां एक गरीब आदिवासी को भीड़ द्वारा 200 रुपए के चोरी के आरोप में मौत के घाट उतार दिया गया।

जी हा केरल के पलक्कड़ जिले में एक 27 वर्षीय आदिवासी युवक जिसका नाम मधु उसे उतना ही उसके नाम के विपरीत कठोरता से उसे मौत के घाट उतार दिया गया।

उसपर स्थानीय लोगों ने दुकान से खाने की सामग्री चुराने का आरोप लगाया था जिसके बाद कुछ लोगों ने उसके हाथ पेर बाँध दिए तथा इसके बाद लोगों ने उसके साथ मुस्कुराते हुए सेलफी भी ली और उसके बाद उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी इतना ही नहीं इसके बाद लोगों ने उसपर डंडे और हाथ पेर से मारना शुरू कर दिया और अधमरा होने तक मारते रहे जिसके बाद उस गरीब आदिवासी युवक को पुलिस के हवाले कर दिया गया परन्तु रास्ते पर ही उसकी मौत हो गई

(द न्यू इंडियन एक्सप्रेस)  के एक रिपोर्ट के अनुसार इस हत्या के मामले में अब तक 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है जिसमें से एक का नाम उब्बेद है जो कि वहा का स्थानीय है तथा उसकी गिरफ्तारी सेलफी मे घायल मधु के साथ फोटो के तौर पर हुई है।

न केवल आदिवासी समाज बल्कि पूरा देश इस घटना से आहत है, परन्तु इस घटना ने काफी सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या इस मे घोटाले बाज आम चोरो से ज्यादा सुरक्षित है?

क्या प्रशासनिक व्यवस्था आम लोगों को सुरक्षा देने पर सफल है?

अगर वाक़ई सफल है तो ऐसी घटनाएँ क्यो बार बार घट रही है?

 

 

 

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