वीडियो: 15 साल की उम्र में ही इस स्टूडेंट ने बना लिये हैं 14 वेबसाइट्स और कई ऐप्स

Posted by जोश Talks in Hindi, Inspiration, My Story, Video
February 23, 2018

सपनें हासिल करने के लिए आपकी उम्र मायने नहीं रखती। राजस्थान के नितेश यादव इस कहावत पर बखूबी खरे-उतरते हैं। इन्होनें आठवीं कक्षा में स्मार्ट फोन के माध्यम से कोडिंग सीखकर अपने गांव को डिजिटल इंडिया से जोड़ने के लिए, “किसान गुरु” नाम की app बना डाली। यह बात आश्चर्यजनक है कि थोड़ा सा आत्मविश्वास और दृढ संकल्प एक बहुत लम्बा सफर तय कर सकता है। ऐसा ही कुछ एक छोटे से गांव के नितेश के साथ हुआ। उनकी मंजिल पाने की चाह ने, उनके रास्ते में आने वाली सभी रुकावटों को फोकस से बाहर कर दिया। यह कहानी निश्चित रूप से आपको प्रेरित कर देगी।

संपूर्ण कहानी जानने के लिए देखें यह वीडियो।

 

आसानी से मिली चीज़ें किसे स्वीकार नहीं होतीं और रास्ता कठिन हो तो बहाने बनाकर कौन नहीं भागना चाहता।  यह बात नितेश पर बिलकुल भी लागू नहीं होती। अलवर, राजस्थान के 15 वर्षीय नितेश के पास उनके छोटे से गांव में कोई भी संसाधन नहीं थे। जब पहली बार उन्होनें 13 वर्ष की आयु में अपने पिता से स्मार्टफोन मांगा और फिर भिन्न साइट्स के जरिये कोडिंग सीखकर एक ऐप बनाई। उनकी ऐप लोगों ने खूब इस्तेमाल करी। यह देखकर उन्होंने सोचा कि क्यों न वो अपने गांव के किसानों को भी ऐसी ही ऐप के जरिये उनकी दिक्कतें दूर करें।

उनके सफर में कठिन समय अवशय आया क्योंकि बिना ट्रेनिंग के ऐप बनाना कोई आसान काम नहीं था। उनके पिता के पास इतने पैसे नहीं थे कि वो उनको कोडिंग की शिक्षा दिलवा पाते। लेकिन नितेश इस सब के कारण कभी नहीं रुके उन्होंने गूगल को अपना गुरु बनाया और उसी से संपूर्ण कोडिंग सीखी। उनकी पहली ऐप “मेरा कंहारका” बनाने में और गूगल प्ले पर लॉन्च करने में उन्हें संपूर्ण चार महीने का समय लगा। यह ऐप किसानों को डिजिटल इंडिया से जोड़ती है। आज के समय में 15 वर्षीय नितेश 14 वेबसाइट्स और किसान गुरु नाम की ऐप बना चुकें हैं। उनकी ऐप को 30 हज़ार से अधिक लोग डाउनलोड कर चुके हैं।

नितेश  ने छात्रों की पढाई के लिए फेसबुक पर “एग्जाम मित्रा” नाम की एप्लीकेशन भी बनाई है। साथ ही वे वर्तमान में एक टेक्सिकन नाम के प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं जो की किसी भी बिज़नेस को वैश्विक स्तर पर ले जाने में सहायक होगा।

नितेश अपने गांव के बच्चों को भी कोडिंग सिखाते हैं और स्काइप द्वारा अन्य बच्चों को भी प्रशिक्षित करते हैं। गूगल और नैसकॉम जैसी प्रतिष्ठित कम्पनीज़ नितेश को आमंत्रित कर चुकी हैं।

ही शब्दों में नितेश जैसे युवा ही देश के भविष्य को रौशन करने में आना योगदान दे रहे हैं।

 

 

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