क्या होगा हमारे देश का

Posted by KUNDAN KUMAR BISHWAS
March 3, 2018

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क्या होगा हमारे देश का

हमारे देश की ये कैसी विडंम्बना है, पढ़े- लिखे कर रहे है मज़दुरी और अंगुठे छाप चला रहे है देश। हम रात दिन मेहनत करते है, शिक्षा के लिए फिर भी हम बेरोजगार ही होते है। अगर नैकरी भी लग जाती है तो मानदेय ही मिलता है। वहीं अगर किसी सांसद को ले तो जो सुविधा इन्हें मिलती है उतनी सुविधा एक राज्य के राज्यपाल को और न हाई कोर्ट तथा सुप्रीम कोर्ट के जज को मिलती है।

इस राजनीति के दौर में हमारे देश के रक्षक को भी नही छोड़ा जाता है, अपनी टिप्पनी करने को। हमारे देश की कोई भी राजनीतिक पार्टी विकास की बात नही करता सिर्फ एक दिसरे के विरोधी टिप्पनी करने को ही मिलते है।

आज हम जिस तरह भ्रष्टारचार के दलदल में धसते जा रहे है। चाहें वह सरकारी पदाधिकारी हो या आम जनता। कोई काम के लिए हम सरकारी दफ्तर जाते ही पैसो के बारे में सोचते है। हम सिर्फ सरकार को हो ही दोष देते है अपनी गलती को नहीं देखते। महोल्ले में एक साईकिल भी चोरी हो जाती है तो दोष सरकार को ही देते है। हम बस से बिना टिकट के ही चले जाते है, पर अपनी गलती को कौन देखता है।

अगर हमारे देश की हालत यही रहीं तो वों दिन दूर नहीं जो हमारे आजादी के पहले की जिंदगी थी वहीं जिंदगी लोटने में देर नहीं लगेगी।

 

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