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महिला दिवस!! मेरे जीवन से जुडी सुपर वुमेन

Posted by Poonam Singh
March 9, 2018

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८ मार्च अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाया जाता हैं ये तो सबको पता हैं . महिलाओ के प्रति सम्मान,उनकी प्रतिष्ठा, जीवन में किया गया त्याग और समर्पण को एक सम्मान के रूप में दिया जाता हैं . बहोत अच्छा लगता है जब पूरी दुनिया में एक साथ महिलाओ को सम्मान दिया जाये. एक महिला जो एक साथ इतने रूप निभाते हैं .जहाँ तक हमें लगता हैं किसी कार्यालय में काम करने वाली महिला ही इस दिन का पूरी तरह से आनंद ले पाते हैं. अर्बन जगह में रहने वाले को ही पता होता हैं, अभी धीरे धीरे गाँव के महिलाओं को इससे  हुबहुह होने मैं बहोत समय लगेगा.और हम जैसे लोगो को ही जागरूक करना चाहिए! जागरूक इस बात का की हमारे जीवन में हमारा ही कितना महत्वोपूर्ण रोल हैं इसका, हम क्या कर सकते हैं क्या  अधिकार हैं हमारा इन सब बातो की जानकारी सबको मिलनी चाहिए!

वैसे महिला दिवस पर हमने भी सोचा की हमारे जीवन से जुडी ऐसी महिलाओं को सम्मान दिया जाये जो आपके जीवन में बहोत ही महत्वपूर्ण  किरदार निभाते हैं.. हमारे घर में काम करने वाली दीदी जो हमारा रोज़ का काम करके हमे इतना आराम देते हैं रोज़मर्रा की जिंदगी में मानो एक दिन न आये तो ऐसा लगता हैं हमारा ही काम हम खुद कैसे करे?? मैंने दीदी को एक गुलाब का फूल देकर उन्हें विश करके धन्येवाद दिया.  उनके चेहरे पर जो ख़ुशी दिखी मानो वो ख़ुशी मेरे लिए थी.

हमारे घर और परिसर में कूड़ा करकट उठा कर जो हमारे जीवन में सफाई करते हैं  और जो पर्यावरण को साफ़ रखने के लिए रोज़ सुबह शाम सफाई करके एक अच्छा माहौल बनाते हैं उनको फूल दिया और उन्हें महिला दिवस के बारे में भी बताया. उन्हें तो पता भी नहीं था. वो बहोत खुश हुई. अच्छा लगा परन्तु इस बात का बुरा भी लगा की हमारे सोसाइटी में इस दिन जब सभी महिलाओ के लिए एक मनोरंज के रूप में प्रोग्राम रखा गया था तो उन्हें नहीं बताया गया था.

हमारे कार्यालय में जब सब महिलाये एक बहोत ही अच्छी पोशाक  पहन कर एक एक ही रंग में रंगी हुई दिख रही थी. सब जगह एक दुसरे को बधाई दे रहे थे. एक गर्व के साथ एक महिला दूसरी महिला को बधाइयां दे रहे थे,, एक खुशमिजाज़ सा माहौल लग रहा था. एक अलग तरह का व्यंजन का प्रबंध किया गया था. कुछ संगीत, गाना रंगोली बनाना ये सब था पर इनमे से वे लोग उनको भूल गए जो रोज़ उन्ही के द्वारा इस्तेमाल करने वाले शौचालय को साफ़ करते हैं ताकि हम एक स्वच्छ और साफ़ सुथरी शौचालय का प्रयोग करे और कार्यालय को साफ़ रखते हैं उनको इस कार्येक्रम में बुलाया तक  नहीं. ये महिलाये अपना आत्मसम्मान सब त्याग करके ये सब काम करते  हैं. जब मैंने इनको एक गुलाब का फूल दिया तो ख़ुशी की झलक मानो हम अपने कैमरे में कैद कर ले.

ये सुपर वीमेन हम सब के जीवन में हैं पर हम उनका सम्मान या धन्येवाद करना भूल जाते हैं. हम महिलाये एक दुसरे का सम्मान नहीं करेंगे तो पुरुषो से क्यूँ उम्मीद रखते हैं??

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