सिस्टम में राजनीति कब तक ?

Posted by वली सैफी
March 7, 2018

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मेरा भारत महान इस में कोई सन्देह नहीं है कि हमारा देश एक महान देश है ये वह देश है जहंा विधिता में एक्ता का सन्देश दिया है ये वह भूमि है जिसे हिन्दु, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी धर्म के लोगों ने अपने लहू से सींचा है। आज के समय में भारत देश वह देश नहीं रहा जोे गांधी, अशफाक, कमाल, जवाहर आदि के विचार धारा पर चल कर देश विकास कर सके। यहंा राजनीति में सिस्टम हो या न हो मगर आज भारत का हर एक व्यक्ति ये स्वीरकार करने में पीछे नही रहेगा कि यहंा सिस्टम में राजनीति उसी प्रकार है जैसे पीसी में वायरस, पीसी में से वायरस को समाप्त करने के लिए एन्टी वायरस होता है उसी तरह सिस्टम में से राजनीति को समाप्त करने के लिए आरटीआई सूचना का अधिकार जैसे मज़बूत कानून हंै मगर अफसोस आज ये कानून सिर्फ दिखावा बन कर यह गय हैं ऐसा नहीं है कि इस कानून से सिस्टम मे से राजनीति कम नहीं हुई मगर उतनी नहीं हुई जितनी उमीद करी गई थी, एक ओर सरकार जहंा आम आदमी के अधिकारों का प्रचार प्रसार कर रही है वहंी दुसरी ओर ईमानदार अधिकारियों को ईनाम के बदले मौत मिल रही है। इस के उदाहारण कई हमारे सामने हैं। आज सारी योजनाएं भष्टाचार की भेंट चढ गई हैं आज एक सच्चा भारतीय सरकार से यही पूछ रहा है कि अखिर कब समाप्त होगा सिस्टम में से राजनीति ? द्योटालें दर्शा रहे हैं कि सिस्टम में राजनीति कितनी है। गरीबी व महंगाई वह नाम वह बोझ है जिसे भारतीय सिर्फ ओर सिर्फ सिस्टम में राजनीति होने के कारण ढो रहें है। जिसका अंत कंही दिखई नहीं दे रहा।

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