त्रिपुरा में ‘सबका साथ सबका विकास’ का नारा गूंजने के मायने

Posted by Akshat Giri in Hindi, Politics
March 5, 2018

भारत के इतिहास में शायद ही ऐसा समय आया हो जब थर्ड फ्रंट इतनी बुरी तरह पस्त हुआ हो। जी हां यहां बात हो रही है त्रिपुरा में हुए चुनाव की जहां 25 सालो से लगातार थर्ड फ्रंट सत्ता में था। 2018 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने IPFT (इंडिजीनियस पीपल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा)  के साथ मिलकर थर्ड फ्रंट की विजय पर रोक लगाते हुए त्रिपुरा में भी अपना झंडा गाड़ दिया।

ये एक बहुत ही बड़ा उलटफेर है, क्योंकि त्रिपुरा में साल 2013 के चुनाव में BJP को बड़ी मुश्किल से साठ सीटों में से एक सीट हासिल हुई थी, वहीं साल 2018 में BJP ने उलटफेर करते हुए 43 सीटें हासिल की, जिसमें 60 में से 59 सीटों पर 18 फरवरी को चुनाव हुआ था।

BJP के लिए सबसे अच्छी बात रही जनजातियों के वोट मिलना जो पिछले 25 सालों से त्रिपुरा में थर्ड फ्रंट की जीवन रेखा थी। इससे पहले केवल 1988 में एक बार, कांग्रेस-TUJS (त्रिपुरा उपजाति जुबा समिति) गठबंधन ने 20 आरक्षित जनजातीय सीटों पर जीत हासिल की थी,  लेकिन साल 1993 में ये वोट वापस थर्ड फ्रंट की और लौट आए थे।

आश्रमबाड़ी की जनजातीय सीट ने आज तक थर्ड फ्रंट को त्रिपुरा में वोट नही दिया। इस बार भी आश्रमबाड़ी से IPFT के महासचिव मेवात जामटिया को 7,000 मतों के भारी अंतर के साथ निर्णायक जीत मिली है। भाजपा नेताओं का कहना था कि यह आदिवासी वोट ही हैं जिन्होंने विचारधाराओं के इस संघर्ष के नतीजे का फैसला किया।

अंतिम परिणाम कुछ इस प्रकार रहे –

● भाजपा-35 सीटें

● थर्ड फ्रंट (CPM)- 16 सीटें

● IPFT -8 सीटें

● अन्य-0

● कुल -59 सीटें

जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “जब सूरज ढलता है तो वो लाल रंग का होता है, पर जब निकलता है तो उसका रंग भगवा होता है। मैं इस राज्य के लोगों का शुक्रगुज़ार हूं जिन्होंने अच्छे प्रशासन और ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ का समर्थन हुए हमारा और हमारे मूल्यवान सहयोगी का साथ दिया। सभी तीनों राज्यों को यह भी नहीं पता है कि उनके मुख्यमंत्री कौन होंगे, लेकिन उन्होंने फिर भी हमारे लिए मतदान किया। इससे पता चलता है कि हम वोटों के लिए मशहूर हस्तियों के सहारे के बिना भी जीत हासिल कर सकते है। हम लोगों के सपनों और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए काम करने को लेकर प्रतिबद्ध हैं। उत्तर पूर्व के विकास के बिना भारत का विकास संभव नहीं हो सकता।”

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि त्रिपुरा में बीजेपी की टीम, देश में सबसे कम उम्र की टीम थी। शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित कराने के लिए उन्होंने रक्षा बलों और चुनाव आयोग का शुक्रिया अदा भी किया।

उन्होंने यह भी कहा कि वाम दलों ने पूर्वोत्तर में कई भाजपा कार्यकर्ताओं को मार दिया है, उन्होंने अपनी जीवन की कुर्बानी हमारे खातिर दी है और इसके लिए उन्होंने वहां मौजूद लोगों से 2 मिनट का मौन धारण करने को भी कहा।

अपने भाषण को समाप्त करते हुए उन्होंने ने कहा कि आप लोगों ने जो प्यार और विश्वास हमे दिया है, हम आपको वो ब्याज के साथ लौटाएंगे। और इसके बाद हर तरफ भाजपा की ही गूंज थी, ‘सबका साथ सबका विकास।’

फोटो आभार: फेसबुक पेज Bharatiya Janata Party (BJP)

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