आसिफा, गलती तुम्हारी ही है

Posted by Hardik Lashkari
April 12, 2018

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बोझ है वो तुम पर, कोख में ही मार दो उसे,

कमजोर है वो, न आने दो दुनिया में उसे,

झंडा ऊंचा करके मानवता का, ले तो आओगे दुनिया में उसे एक बार,

लेकिन यही मानव भेड़िये लूटेंगे उसकी इज़्ज़त बार बार,

कभी निर्भया, कभी आसिफा, कभी बेचारी नाम से पुकारोगे तुम,

दिल्ली, बैंगलोर, मुंबई, हर जगह उसके कपडे फाड़ोगे तुम,

मोमबत्ती जलाकर फिर से न्याय की गुहार लगाई जाएगी,

2 दिन बाद फिर किसी लड़की की चीखे निकाली जाएगी,

कब तक लड़कियों के कपड़ो को दोष दोगे तुम,

कब तक बचाकर उन्हें, फिर से मारोगे तिल तिल तुम

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