क्या हमारा संविधान ही हमारा दुश्मन बन चुका है ?

Posted by Manish Sikaira .
April 13, 2018

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1,354,051,854 की जनसंख्या रखने बाले हमारे  इस देश में सबसे बड़ा संविधान है लेकिन क्या आपको नहीं लगता यही संविधान और इस संविधान के रखवाले ही भारत की छवि को धूमिल करते जा रहे हैं । आज जब बड़े बड़े देश इतिहास बनाने में लगे हैं तब हमारा देश अपना इतिहास याद करने में लगा है । 

भ्रष्टाचार , घोटाला , रेप ,चोरी ,मर्डर इत्यादि से भरे इस समाज को देख कर लगता ही नहीं की इस देश के संविधान की मिसालें दी जाती है । संविधान से ज्यादा इनके रखवालों ने अपने ज़मीर को बेच खा कर सत्ता की कुर्सी हथिया ली है । हर राजनीतिक पार्टी अपना उल्लू सीधा करने में लगी है , मजहब की आंच पे सियासत गर्म की जाती है । 

आठ साल की बच्ची का रेप हो गया है लेकिन हमारे नेताओं को इससे कोई मतलब नहीं , उनको मतलब है कि २०१९ का चुनाव जीतना है । उनको मतलब है कि कौन हिन्दू है , कौन मुस्लिम है , कौन दलित है , सब वोट बैंक का खेल देख रहे हैं और  हैवानियत अपना नंगा नाच दिखा रही है । 

आज सबको डर है अपनी जिंदगी का लेकिन सब लगे हैं दूसरों की जिंदगी बर्बाद करने में । इंसान दिन दहाड़े गुनाह कर रहा है संविधान के सहारे उनके खिलाफ सजा की मांग होती है लेकिन वही संविधान उसको बचा कर निकाल ले जाता है । नेताओं को इससे मतलब नहीं की देश कहां जा रहा है उनको मतलब है उनके पास क्या आ रहा है ।

बड़े बड़े महापुरुषों ने अपनी ज़िंदगी कुर्बान करके इस अखंड भारत का निर्माण किया था । देश के सही संचालन के लिए इसको राज्यों में बांटा गया लेकिन अब देख कर लगता है ये देश सिर्फ जाति , धर्म , अमीर , गरीब में बांट दिया गया है ।

अगर यही आलम रहा इस देश  का तो वो दिन दूर नहीं जब हमारे देश में सिर्फ हाहाकार होगा चारो तरफ और इसी तरह महिलाओं की इज्जत लुटती रहेगी , मर्डर होते रहगें और अपराधी कभी दलितों , मजहब इत्यादि के नाम पर संविधान का सहारा लेकर छूटते रहंगें ।

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