पहले निर्भया अब असीफा…और आगे ???

Posted by Poonam Singh
April 15, 2018

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जब ये समाचार आया की “असीफा “जो की एक बहोत ही छोटी बच्ची कठुआ की रहने वाली का लाश इस व्वयस्था में मिला जिसे देखकर आप का दिल भर आएगा. तब पल भर के लिए लगा नहीं अब कुछ नहीं हुआ तो कभी नहीं होगा. सारा मंज़र निर्भया का सामने आ गया..ऐसा प्रतिक हुआ की न तो कभी ये सिस्टम सुधरेगा और  लोग सुधरने का नाम लेंगे . क्यूँ सिस्टम हमारा इतना कमज़ोर हो गया की जब तक कुछ न हो तब तक एक्शन लेने  के लिए तैयार नहीं होते.  और ये घटना होने के बाद भी कहा तुरंत हुआ कुछ. हमारा  सिस्टम ये कहता हैं की जब तक लोग सडको पर मोमबत्ती लेकर न आये, और न ही किसी सोशल साईट पर खूब खबरे फैले या किसी न्यूज़ चैनल मीडिया वाले आगे न आये तब तक हमारे सरकार को लगता हैं जाने दो जनता को पता कुछ थोड़ी न हैं की हम कुछ करे. परन्तु कब तक ??

अब सज़ा की मांग तो सब कर रहे हैं पर उस बच्ची का क्या जिसकी जान चली गयी बिना किसी कसूर के?? आप सिस्टम को ठीक नहीं कर सकते जहाँ लोग किसी लड़की,बच्ची या  औरतो को बुरी नज़र से न देखे? छेड़ना, रेप  करना आये दिन होता हैं पर उसमे से कुछ घटनाये सामने आ जाती हैं जिसपर लोगो का हुजूम निकलता हैं और सडको पर आ जाते हैं. बस कहने वाली बाते हैं सरकार की “हमारे बहनों के साथ कुछ बुरा हुआ तो वैसे इंसान को सज़ा मिलेगी जरूर ”  इसका मतलब  आप बुरा होने का इंतज़ार करते हैं और आसवासन से काम चलाने  के लिए  बोलते हैं .

देश के हर एक राज्य सरकार को मुंबई की सुरक्षा से सीखना चाहिए जब आधी रात में भी लड़कियां  आराम से निकलते हैं और कहीं कुछ ऐसी खबर आपको न मिलेगी.खैर कहने वाली बात हैं की “निर्भया” के बाद जो इस देश मैं हुआ तब शायद ऐसा न हो और देश के लोग सुधरे, पर आये दिन हम जैसी लडकियों के साथ ऐसा होता हैं.   क्यूंकि जो ये दुष्कर्म करते हैं उन्हें पता हैं की उन्हें कुछ नहीं होने वाला और होगा भी तो  बस कुछ समय के सज़ा.  क्यूँ नहीं बनी कोई कानून जिनसे इनके  मन में खौफ हो और ऐसे कदम उठाने से पहले सोचे .

हमारे देश का कानून ये तो कहता हैं की बाल विवाह न किया जाये पर उनका क्यां जो बच्चो के साथ ऐसा करते हैं. उत्तरप्रदेश में मुहीम चलाई गयी ” रोमियो जुलिट” का जहाँ दो लड़के लडकियां दिखे बस उन्हें पीटना मारना स्टार्ट कर दो पर रेप करने वालो के लिए तुरंत कोई एक्शन लेना शायद क़ानून बन ने में समय लगेगा. रेप करना बहोत बड़ा जुर्म हैं पर उनको सज़ा देने में अगर देरी होती हैं तो उस जुर्म को क्या कहेंगे ??

बस हम इंतज़ार कर रहे की कब कोई शक्त कानून बनेगा और इन्साफ मिलेगा .

 

 

 

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