ये इंसाफ़ अधूरा है।

Posted by Aman Kaushik
April 14, 2018

NOTE: This post has been self-published by the author. Anyone can write on Youth Ki Awaaz.

अगर आप इस मुगालते में जी रहे हैं कि 2012 में सड़कों पर मोमबत्ती जलाने भर से, और निर्भया के दोषियों को फांसी की सजा सुनाने भर से, उसे इंसाफ़ मिल गया, या उसकी भटकती हुई आत्मा को तृप्ति मिल गयी, तो आप गलत है। सभ्यता और लोकतंत्र के धुंधले चश्मे से आप वास्तविकता को नहीं देख पा रहे हैं। जबतक गाजर मूली की तरह बड़े मिक्सर ग्राइंडर में ऐसे तमाम गुड़िया, निर्भया, आसिफ़ा के दोषियों की जिंदा लाश हजार टुकड़ो में नहीं बदल जाती है, और उसके रक्त से रणचंडी का अभिषेक नहीं हो जाता है, तबतक यक़ीन मानिए कि ये इंसाफ़ अधूरा है।

#अमनकौशिक

#JusticeForNirbhaya
#JusticeForGudiya
#JusticeForAashifa

#JusticeForAll

Youth Ki Awaaz is an open platform where anybody can publish. This post does not necessarily represent the platform's views and opinions.