रण्डी थी भाई

Posted by Manish Sikaira .
April 12, 2018

NOTE: This post has been self-published by the author. Anyone can write on Youth Ki Awaaz.

स्त्री को माल कह कर संबोधित करने वाले इस संसार में सबको वर्जिन स्त्री की मांग है , ऐसा क्या है वर्जिन स्त्री में जो दूसरी स्त्रियों में नहीं ? उनके पास दिल नहीं है क्या या फिर घर चलाना नहीं जानती ?

अच्छा कभी किसी ने ये सोचा स्त्रियों की वर्जिनिटी खंडित कौन करता है , दूसरे ग्रह से प्राणी नहीं आते उनकी वर्जिनिटी खंडित करने वो आप जैसे ही लोग होते हैं जो शादी से पहले वर्जिनिटी ढूंढते फिरते हैं और  जाने कितनी स्त्रियों को बीच राह में छोड़ कर एक नई वर्जिनिटी की तलाश करते हैं और उसे छोड़ने के पीछे का कारण कुछ ऐसा ही होता है जैसे “रण्डी थी भाई नहीं तो शादी से पहले कोई किसी के साथ ये सब नहीं करता है ”  लेकिन न जाने क्यों ये भूल जाते हैं कि तुम भी तो साथ निभाए थे उसका तो तुम रण्डी का पुल्लिंग बताना क्यों भूल गए ? 

तूमने भी तो अपनी वर्जिनिटी खंडित की है , इस तरह से तो तुमको भी शादी का कोई हक नहीं । स्त्रियों को अब आवाज़ उठानी ही होगी । हमेशा स्त्री ही क्यों तुम्हारे जैसे कुत्तों को पाले ? 

 

Youth Ki Awaaz is an open platform where anybody can publish. This post does not necessarily represent the platform's views and opinions.