कैंसर से लड़ रही सोनाली के हेयर ड्रेसिंग का वीडियो पॉज़िटिविटी सिखाता है

Posted by swati2305 in Hindi, Inspiration
July 11, 2018

जब मैंने ट्वीटर को स्क्रोल करते हुए एक वीडियो देखा तो मैं वहीं ठहर गई। फिल्म आनंद के एक डायलॉग में राजेश खन्ना ने कहा भी है कि ज़िन्दगी लंबी नहीं बड़ी होनी चाहिए। तो लौटते हैं उस वीडियो पर। जी हां, मैं बात कर रही हूं अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे की, जो हाई-ग्रेड कैंसर से पूरी हिम्मत के साथ लड़ रही हैं।

ट्वीटर पर शेयर की तस्वीरें

अभिनेत्री ने मंगलवार को न्यूयॉर्क से ट्वीटर के माध्यम से तस्वीर शेयर की है, जहां वह अपना इलाज करवा रही हैं। इस वीडियो में वह अपने बाल को कटवाते हुए नज़र आ रही हैं। नए हेयर-कट में भी वो काफी खूबसूरत नज़र आ रही हैं। इसके साथ ही उन्होंने एक पोस्ट भी लिखा है जोकि आपको काफी इमोशनल कर देगा, साथ ही आप में एक ऊर्जा का संचार अवश्य करेगा। हाई-ग्रेड कैंसर के बावजूद उन्हें देखकर सकारात्मक ऊर्जा का एहसास हो रहा है, ऐसा बहुत ही कम लोगों को देखकर महसूस होता है, खासकर तब जब कोई इतनी गंभीर बीमारी से ग्रसित हो।


‘डोंट माइंंड’

बता दूं कि सोनाली बेंद्रे मेरी कभी फेवरेट नहीं रही हैं, लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि ईश्वर ने उन्हें एक बेहद कीमती तोहफे से नवाज़ा है और वो है उनकी हंसी। बॉलीवुड में सबसे अच्छी स्माइल की लिस्ट में उनका नाम शामिल है। इन तस्वीरों में भी ‘लज्जा’ की ये अदाकारा हंसती हुई दिखाई दे रही हैं। साथ ही ऐसा लग रहा है कि वो सरफरोश का वही फेमस डॉयलॉग कह रही हैं, “आई डोंट माइंड। मैं ये जंग लड़ रही हूं और जल्द ही इसे जीतकर लौटूंगी”।

मैं अकेली नहीं, आप लोग हैं साथ 

पोस्ट में #switchonthesunshine को यूज़ करते हुए वह लिखती हैं कि मेरे फेवरेट लेखक ने कहा है कि हमें खुद नहीं पता होता कि हम कितने स्ट्रॉन्ग हैं, हमें खुद इसका पता नहीं होता, हर एक में शक्ति होती है जो कि मुश्किलों के वक्त बाहर आती है और हमें उससे लड़ने की क्षमता प्रदान करती है। इंसान में खुद को ज़िन्दा करने की ताकत होती है।

इतना ही नहीं आगे वो लिखती हैं कि मैं एक पॉजिटीव ऑउटलुक लेकर चल रही हूं, जो मेरा इससे निपटने का तरीका है। आप लोगों की दुआओं और किस्सों ने मुझे शक्ति दी है, ये अहसास दिलाया है कि मैं अकेली नहीं हूं, आप लोग मेरे साथ हैं। इसी नज़रिए को मैं बनाए रखूंगी।


जीवन की बहुत बड़ी सीख

सोनाली आगे लिखती हैं कि हर दिन एक नई जंग के साथ आता है और हमें इसे चैलेंज की तरह लेना चाहिए। जी हां, ये एक बहुत बड़ी बात है कि चाहे कोई भी हो, ऑफिस में काम करने वाले कर्मचारी, परीक्षा में बैठने वाले विद्यार्थी, मैदान में खेल रहा खिलाड़ी या किसी बड़ी मुसीबत से गुज़र रहा कोई इंसान। सबसे अहम होता है कि मुश्किल समय पर हम अपने होश में रहें, उसे एक ईमानदारी के साथ एक पॉजिटीव नज़रिया बनाकर लड़ें। जंग जीत लेने का जज्बा हमेशा बरकरार रखें और फतह हासिल करें।

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