अनुच्छेद 370 हटने के बाद क्या अपनी खूबसूरती सहेज पाएगा कश्मीर?

पिछले कुछ दिनों से ‘धरती का स्वर्ग’ कहे जाने वाले जम्मू कश्मीर को लेकर कई तरह की बातें सामने आ रही थीं। घाटी में सेना के बढ़ते हलचल और केंद्र सरकार द्वारा लगातार सुरक्षा बलों की तैनाती को लेकर लगातार कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे। सबसे पहले अमरनाथ यात्रा को रोका गया फिर घाटी में अन्य राज्यों से आए सैलानियों और पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को घाटी छोड़कर जाने के निर्देश दिए गए।

बीते रविवार की देर शाम जब जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला को नज़रबंद कर दिया गया, तब जम्मू कश्मीर को लेकर और ज़्यादा कयासों का बाज़ार गर्म हो गया।

इसी के साथ ही जब यह खबर आई कि अगले दिन सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक अहले सुबह 9:30 बजे के आसपास बुलाई गई है, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी मौजूद रहेंगे, तब यह स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो गई कि मौजूदा मोदी सरकार जम्मू कश्मीर को लेकर कोई बड़ा फैसला लेने वाली है।

अमित शाह
अमित शाह। फोटो साभार: Twitter

11 बजे गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा के पटल पर जम्मू कश्मीर से ‘धारा 370’ हटाने का संकल्प पेश कर दिया। मौजूदा सरकार के पास दोनों सदनों यानि लोकसभा और राज्यसभा में पूर्ण बहुमत है, जिसकी वजह से यह मसौदा राज्यसभा से बीते सोमवार को पास हो गया। सदन में ‘अनुच्छेद 370’ को के लिए कई विपक्षी पार्टियों ने भी एनडीए का समर्थन किया, जिसमें खास तौर पर बसपा, आप और जेडीएस शामिल हैं।

क्या पूरी तरह से नहीं हटा है अनुच्छेद 370?

आपको बता दें कि संविधान विशेषज्ञ सुभाष कश्यप के मुताबिक जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 पूरी तरह से नहीं हटा है। अनुच्छेद 370 (1) अब भी जम्मू कश्मीर पर कायम है। इसके अलावा जम्मू कश्मीर अब से ना तो विशिष्ट राज्य का स्टेटस रखता है और ना ही यह पूर्ण राज्य रहा।

नए प्रावधान के मुताबिक जम्मू कश्मीर को दो हिस्सों में बाट दिया गया है। लद्दाख और जम्मू कश्मीर दोनों अब से केंद्र शासित प्रदेश हो गए हैं।नए नियम के मुताबिक 35 A के हटने से जम्मू कश्मीर में कोई भी भारतीय ज़मीन खरीदकर वहां रह सकता है।

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं का अंबार

बीते सोमवार को राज्यसभा से ‘जम्मू कश्मीर पुनर्गठन विधेयक 2019’ पास होते ही देश भर में जहां अलग-अलग तरह के नज़ारे दिखते बन रहे थे, वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर अजीबोगरीब प्रतिक्रियाओं की एक लंबी कतार सी लग गई।

हर किसी ने अपने तरीके से इस कथित ऐतिहासिक फैसले पर अपना दिमाग लपेटना शुरू कर दिया। किसी ने अपने सपनों में कश्मीरी लड़की के साथ शादी का ख्वाब देखना शुरू कर दिया, तो किसी ने जन्नत में अपने घर के झरोखे से खूबसूरत वादियों को निहारने का सपना संजोना शुरू कर दिया।

तो सवाल उठता है कि क्या अनुच्छेद 370 और 35 A के हटने से कश्मीर अपनी खूबसूरत वादियों को सहेज पाएगा? इस बिल के पास होने से जो प्रतिक्रिया जम्मू कश्मीर को लेकर सोशल मीडिया पर आ रही हैं, क्या कश्मीर को लेकर वही हिंदुस्तान का अनूठा सच है?

ट्वीट
फोटो साभार: फेसबुक

एक फेसबुक यूज़र तरुण देव मिश्रा लिखते हैं, ” बधाई हो! अब आप डल झील के सामने भी छोले भटूरे का ठेला लगा सकते हैं।”

ट्वीट
फोटो साभार: फेसबुक

इसी तरह के एक और फेसबुक यूज़र रविशंकर उपाध्याय लिखते है, “हम अपने सभी भूमिहार भाइयों के साथ कश्मीर में ज़मीन खरीदने जाएंगे और लाहौर का आरी अलंग जल्द ही हमारे कब्ज़े में होगा”

फोटो साभार: Twitter
फोटो साभार: Twitter

सोशल मीडिया पर बकैती करने वाले या हकीकत में जम्मू कश्मीर में ज़मीन खरीदने और बसने वाले लोगों की संख्या कम नहीं है। वहीं फेसबुक यूज़र विकास झा भोजपुरी भाषा में लिखते हैं, “हम त कश्मीर जाके किनबई दोट एकड़ ज़मीन, उहें बसेबई गेहूं पिसे के मशीन।”

फोटो साभार
फोटो साभार: फेसबुक

आगे एक और पोस्ट शेयर करते हुए ये लिखते हैं, “लाईब दुलहिन कश्मीर से, मूवी कब आ रही है?”

इन सारे किए गए पोस्ट्स को देखने के बाद लगता है कि कुछ लोगों के ज़हन में कश्मीरी महिलाओं को लेकर जो गलत मानसिकता है, वह निकलकर सामने आ रही है।

इसी तरह के अन्य घूम रहे पोस्ट्स पर बिना सिर पैर की प्रतिक्रिया देने को लेकर सचेत करने हेतु मुसाफिर कैफे और अक्टूबर जंक्शन जैसी नई वाली हिंदी से सहेजे पुस्तक को लिखने वाले दिव्य प्रकाश दुबे ने जम कर यूज़र्स की क्लास लगाई।

इस तरह की कई प्रतिक्रियाएं सोशल मीडिया पर लगातार पैर फैलाए घूम रही हैं। ऐसे में ज़रूरी है कि हमारा आज का युवा गलत दिशा में ना बढ़े। उन्माद और अशोभनीय बातें लिखने से बेहतर है कि युवा चुप रहे।

सरकार ने भले ही 35 A को खत्म कर जम्मू कश्मीर को एक नया सूरज देने की कोशिश की हो लेकिन इसमें कोई शक नहीं है कि यदि कश्मीर का चादर उद्योग घरानों और लूट खसोट करने वाले भू-माफियो के लिए खोल दिया जाता है, तो एक दिन यह खूबसूरत घाटी अपना सौंदर्य खो देगी।

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