क्यों सरदार सरोवर बांध के खिलाफ आंदोलन चला रही हैं मेधा पाटकर

पिछले 9 दिनों से मेधा पाटकर आदिवासियों के विस्थापन और सरदार सरोवर डैम के दुष्प्रभाव से जुड़े मुद्दों को लेकर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठी हुई थीं।

उनका अनिश्चितकालीन अनशन 3 सितंबर को मध्य प्रदेश शासन के पूर्व मुख्य सचिव तथा सरकार के सलाहकार द्वारा तुड़ावा दिया गया। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव ने मेधा के अनिश्चितकालीन अनशन को तुड़वाने के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा,

सरकार इनके सभी मसलों को हल करना चाहती है और इसके लिए सभी संबंधित पक्षों को लेकर अगले 12 तारीख को भोपाल में एक उच्च स्तरीय मीटिंग रखी गई है, हम उसमें मेधा जी द्वारा उठाए गए मुद्दों का समाधान निकालेंगे।

विदित हो कि मेधा पाटकर पिछले 9 दिनों से अनिश्चितकालीन अनशन पर थीं, इसको देखकर मध्य प्रदेश सरकार में हलचल मची हुई थी।सरदार सरोवर परियोजना के बनने से जिस तरीके की मानव जनित आपदा आन पड़ी है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है। आपको बता दें कि इससे हज़ारों गॉंव प्रभावित हैं और लाखों की संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं।

अनशन तोड़ती मेधा पाटकर। फोटो सोर्स- ANI

इस डैम के अंदर 134 मीटर पानी भर चुका है, जो कि बड़े खतरे का संकेत है। यदि डैम में किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत होती है, तो आस-पास के गॉंव समुंद्र में तब्दील हो जाएंगे। इसकी थोड़ी भी चिंता वर्तमान सरकार को नहीं है।

इससे प्रभावित होने वाले समुदाय आदिवासी हैं, इसलिए इनकी आवाज़ को दबाने की कोशिशि की जा रही है। आदिवासियों का भारत में जन्म लेना, उनके लिए अभिशाप अथवा दुर्भाग्य की बात हो जाती है। सरकार, समाज और व्यवस्था उनके साथ अन्याय पर अन्याय करती है।

सरदार सरोवर बांध को लेकर मेधा पाटकर पिछले 34 सालों नर्मदा बचाओ आंदोलन के ज़रिए सरोवर बांध की वजह से विस्थापित हुए लोगों के अधिकारों के लिए लड़ रही हैं। इसके प्रभाव से कुछ हद तक आदिवासियों और स्थानीय लोगों का विस्थापन रूका, विस्थापित लोगों को सही जगह पर स्थान मिला लेकिन बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं, जिनके विस्थापन के बाद भी सरकार ने उनके पुनर्वास की व्यवस्था नहीं की है।

मेधा पाटकर ने बीबीसी को दिए अपने इंटरव्यू में यहां बताया,

जिनका पुनर्वास किया गया उन्हें भी सही जगह नहीं मिली है। मसलन जो ज़मीन दी गई है वो रहने लायक नहीं है, खेती करने लायक नहीं है, जिससे कि आदिवासी किसान परेशान हैं।

Youth Ki Awaaz के बेहतरीन लेख हर हफ्ते ईमेल के ज़रिए पाने के लिए रजिस्टर करें

Similar Posts

Youth Ki Awaaz के बेहतरीन लेख पाइये अपने इनबॉक्स में

फेसबुक मैसेंजर पर Awaaz बॉट को सब्सक्राइब करें और पाएं वो कहानियां जो लिखी हैं आप ही जैसे लोगों ने।

मैसेंजर पर भेजें

Sign up for the Youth Ki Awaaz Prime Ministerial Brief below