देश में डिटेंशन सेंटर की बातें महज़ झूठ हैं: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

दिल्ली की अनाधिकृत कॉलोनियों को अधिकृत करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की धन्यवाद रैली आज रामलीला मैदान में आयोजित हुई, जिसमें पीएम ने जमकर विपक्ष पर हमला बोला। इसी बीच उन्होंने उन स्टूडेंट्स और तमाम प्रोटेस्टर्स पर भी प्रहार किया जो एनआरसी और सीएए के खिलाफ पिछले कई रोज़ से सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पुलिसवालों पर जो लोग पत्थर बरसा रहे हैं, उनके आंदोलनों का नेत्रृत्व कौन कर रहे हैं? पुलिसवालों को क्यों मारा जा रहा है? आखिर प्रदर्शनकारी इससे क्या हासिल करना चाहते हैं? उन्होंने कहा कि शरारती तत्वों द्वारा यही काम यूपीए की सरकार में भी किया जाता था, सरकारें बदलती हैं मगर पुलिसवाले किसी के दुश्मन नहीं होते हैं।

पीएम मोदी ने रैली में आए लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि मोदी का विरोध करो मगर गरीबों की झोपड़ी और ऑटो रिक्शा मत जलाओ। जब कोई मुश्किल आती है तब पुलिसवाले ना तो धर्म पूछते हैं और ना जाति की बात करते हैं, ना दिन देखते हैं, ना ही रात देखते हैं। वे तो मदद के लिए खड़े हो जाते हैं। अभी हाल ही में जब दिल्ली के मार्केट में आग लगी थी, तब पुलिस ने सभी की जान बचाई, ना कि किसी से उनका मज़हब पूछा।

काँग्रेस पर मोदी ने जमकर किया प्रहार

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी। फोटो साभार- सोशल मीडिया

इसी कड़ी में पीएम मोदी ने काँग्रेस पार्टी पर शब्दों के बाण चलाते हुए कहा, “100 साल की पुरानी पार्टी के नेता उपदेश दे रहे हैं लेकिन शांति के लिए दो शब्द बोलने के लिए तैयार नहीं हैं। इसका मतलब हिंसा पर आपकी सहमति है, पुलिस पर हो रहे हमले पर आपकी मौन सहमति है।”

प्रधानमंत्री मोदी ने धन्यवाद रैली के दौरान कहा कि झूठ बेचने वाले और अफवाह फैलाने वाले को पहचानने की ज़रूरत है। ये दो तरह के लोग हैं, जिनकी राजनीति दशकों तक वोट बैंक पर ही टिकी रही है। वोट बैंक की राजनीति करने वाले और खुद को भारत का भाग्य विधाता मानने वाले आज जब देश की जनता द्वारा नकार दिए गए हैं, तब इन्होंने अपना पुराना हथियार निकाल लिया है, “बांटो भेदभाव करो और राजनोीति का उल्लू सीधा करो।”

नागरिकता कानून से किसी भी भारतीय को डरने की ज़रूरत नहीं

असम में नागरिकता कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते लोग
असम में नागरिकता कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते लोग। फोटो साभार- सोशल मीडिया

देशभर में एनआरसी और सीएए के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने धन्यवाद रैली के दौरान कहा कि चाहे हिन्दू हो या मुसलमान, यह कानून किसी भी भारतीय नागरिक के लिए है ही नहीं। यह बात संसद में बोला गया है। मोदी ने कहा कि देश में रह रहे 100 तीस करोड़ लोगों के लिए तो यह कानून है ही नहीं।

वहीं, एनआरसी पर अपनी बात रखते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इसके नाम पर भी झूठ चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब काँग्रेस के ज़माने में एनआरसी बना था, तब झूठ चलाने वाले लोग सोए थे क्या?

मोदी ने कहा,

इसी सत्र में हमारी सरकार अनाधिकृत कॉलोनियों वालों को ज़मीन का अधिकार दे रही है, तो क्या दूसरा कानून आपको निकालने के लिए लाया जा रहा है? कैसी बच्चों जैसी बातें करते हैं?

अर्बन नक्सल जैसे लोग अफवाह फैला रहे हैं

रैली के दौरान पीएम ने कहा कि मोदी सरकार आने के बाद 2014 से लेकर आज तक कहीं पर भी एनआरसी पर चर्चा नहीं हुई है। वो तो सुप्रीम कोर्ट ने जब कहा तब असम के लिए करना पड़ा। काँग्रेस और उसके साथी, शहरों में रहने वाले कुछ पढ़े-लिखे अर्बन नक्सल यह अफवाह फैला रहे हैं कि सारे मुसलमानों को डिटेंशन सेंटर में भेज दिया जाएगा। लोगों को पता भी नहीं है कि डिटेंशन सेंटर क्या है। देश में केवल झूठ चलाया जा रहा है।

मैं इस मंच से कहना चाहता हूं कि काँग्रेस और अर्बन नक्सलियों वाली डिटेंशन सेंटर की बात झूठी है। ये  बातें देश को तबाह करने वाली नापाक इरादों से भरी पड़ी हैं।

उन्होंने कहा, “जो हिन्दुस्तान की मिट्टी के मुसलमान हैं, जिनके पुरखे माँ भारती की संतान हैं उन पर नागरिकता कानून और एनआरसी का कोई लेना-देना नहीं है। देश के किसी भी मुसलमान को डिटेंशन सेंटर में नहीं भेजा जा रहा है और ना ही हिन्दुस्तान में कोई डिटेंशन सेंटर है। ये बातें सफेद झूठ हैं। मैं तो हैरान हूं कि ये लोग झूठ बोलने के लिए किस हद तक जा रहे हैं, कुछ लोग तो सीएए को गरीबों के भी खिलाफ बता रहे हैं।”

पीएम मोदी ने कहा, “मोदी गरीबों को घर देने का कानून लाता है, क्या उसी सपने में गरीबों का घर छीनने की बात करेगा? नागरिकता कानून उन लोगों पर लागू होगा जो वर्षों से भारत में ही रह रहे हैं। किसी नए शरणार्थी को इस कानून का फायदा नहीं मिलेगा। जो लोग इस तरह का झूठ बोल रहे हैं उन्हें बता देना चाहता हूं कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादे्श से धार्मिक कारणों से शोषित किए गए लोगों को सुरक्षा देने के लिए यह कानून है।”

दलित राजनीति का दावा करने वाले वर्षों से कहां थे?

भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर
भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर। फोटो साभार- सोशल मीडिया

पीएम मोदी ने दलित नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ दलित नेता भी बिना समझे इसमें घूस गए हैं। पाकिस्तान से जो शरणार्थी आए हैं, वे मेरे दलित भाई-बहन ही हैं। ये वे दलित परिवार हैं जिनको पाकिस्तन में बंधुआ मज़दूर बनाकर रखा गया था। पाकिस्तान में दलित चाय पीता है, तो उसे बर्तन का पैसा भी देना होता है और अपने साथ बर्तन को घर ले जाना पड़ता है।

पाकिस्तान में बेटियों से शादी करके उन्हें धर्म परिवर्तन करने पर मजबूर किया जाता है। यह सिर्फ इसलिए होता है, क्योंकि उनकी आस्था और हमारी आस्था पूरी तरह से अलग है।

पीएम मोदी ने कहा कि मैं दलित राजनीति करने का दावा जो करते हैं, उनसे पूछना चाहता हूं कि आप वर्षों से खामोश क्यों थे? आज जब इनके जीवन की चिंता दूर करने का काम मोदी सरकार कर रही है, तो आपके पेट में चूहे क्यों दौड़ रहे हैं? यहां दिल्ली में ही मजनू के टीले में दो हफ्ते पहले ही शरणार्थी के कैंप में एक बिटिया का जन्म हुआ और उसके माँ-बाप ने बिटिया का नाम नागरिकता रख दिया।

बकौल मोदी, “हुड़दंग मचाने वालों और रिमोट कंट्रोल से राजनीति करने वालों से कहना चाहता हूं कि अगर इस नागरिकता नामक बेटी का जीवन आसान होता है, माँ-बाप की ज़िन्दगी आसान होती है, तो आपको तकलीफ क्यों हो रही है?”

देश में दशकों से रह रहे लाखों गरीबों और सताए हुए शोषित दलित परिवारों को उत्पीड़न के कारण भारत आना पड़ा है। अपना धर्म, सम्मान और बेटियों की इज्ज़त बचाने के लिए जब ये भारत आए हैं, तब इनको उनसे दुश्मनी क्या है?

पीएम मोदी ने कहा, “जब धार्मिक अत्याचार की वजह से कोई भारत की शरण में आता है, तो यहां आकर अपनी आपबीती बताता है। कोई भी शरणार्थी सीमा पार करके किसी तरह अगर भारत आता है, तो सरकारी दफ्तर या थाने में जाकर कहता है कि मैं पाकिस्तान से आया हूं, मुझे अपनी ज़िन्दगी बचाने के लिए आना पड़ा है, आप मेरी मदद कीजिए।”

मोदी ने कहा कि आज भी ये लोग खुलेआम इंटरव्यू दे रहे हैं कि हम पाकिस्तान, बांग्लादेश या अफगानिस्तान से आए हैं लेकिन घुसपैठिये ना इंटरव्यू देते हैं, ना प्रेस से बात करते हैं और ना ही पुलिस को बताते हैं। वे आकर छिप जाते हैं। बड़ा सीधा-साधा फर्क है कि घुसपैठिये अपनी पहचान होने नहीं देते और शरणार्थी कभी अपनी पहचान छुपाते नहीं हैं।

सिटिज़नशिप अमेंडमेंट एक्ट के ज़रिये नागरिकता छिनी नहीं, दी जाएगी

सिटिज़नशिप एक्ट के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते स्टूडेंट्स
सिटिज़नशिप एक्ट के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते स्टूडेंट्स। फोटो साभार- सोशल मीडिया

पीएम मोदी ने रामलीला मैदान में कहा कि सीएए किसी की भी नागरिकता छीनने के लिए नहीं, बल्कि नागरिकता देने के लिए है। हमारे तीन पड़ोसी देशों के अल्पसंख्यक अत्याचर की वजह से वहां से भागकर भारत आने के लिए मजबूर हुए हैं, उन्हें इस एक्ट में कुछ मदद की गई है। यह रियायत भी मोदी की सोच है, ऐसा मानने की ज़रूरत नहीं है। यह रियायत महात्मा गाँधी की भावना के अनुरुप है।

उन्होंने कहा, “गाँधी ने कहा था पाकिस्तान में रहने वाले हिन्दू और सिख साथियों को जब लगे कि उन्हें भारत आना चाहिए तो उनका स्वागत है।” आज जब भारतीय जनता पार्टी के नेत्रृत्व में एनडीए सरकार इसी दशकों पुराने वादे को पूरा कर रही है, तो इसका विरोध क्यों किया जा रहा है? हमने वादा निभाया है और वे कह रहे हैं कि पाकिस्तान के सभी नागरिकों को रियायत दो।

उन्होंने काँग्रेस पार्टी पर प्रहार करते हुए कहा कि अवैध घुसपैठ करने वालों और आस्था के कारण सताए हुए शरणार्थियों के बीच ये लोग कोई भेद ही नहीं कर रहे हैं। ऐसे दुनिया के किसी देश में होता है क्या? आज रंग बदलने वाले इन दलों को इनके ही नेताओं और फैसलों की बात याद दिलाता हूं। उन्होंने कहां,

मनमोहन सिंह जी 10 साल पीएम रहे। उन्होंने संसद में कहा था कि हमें बांग्लादेश से आए उन शरणार्थियों को नागरिकता देनी चाहिए जो आस्था की वजह से उत्तपीड़न झेलने के बाद भारत आए हैं।

पीएम मोदी ने इसी कड़ी में असम के पूर्व सीएम के बयान का भी ज़िक्र किया,

एक वक्त था जब असम के पूर्व साीएम तरुण गोगोई चिट्ठियों के ज़रिये कहा करते थे कि जिन पर भी अत्याचार हो रहा है, उनकी मदद की जाए।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राजस्थान के सीएम अशोक गहलौत का भी ज़िक्र करते हुए कहा,

एक समय था जब राजस्थान के सीएम अशोक गहलौत ने भी शरणार्थियों के लिए हमदर्दी की बात की थी। वह तो सरकार से मांग करते थे लेकिन आज रातोंरात कैसे बदल गए?

पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी निशाना साधते हुए कहा,

आज दीदी ममता बनर्जी कोलकाता से यूएन पहुंच गई लेकिन कुछ साल पहले वो संसद में गुहार लगा रही थीं कि बांग्लादेश से आने वालों को रोका जाए और शरणार्थियों की मदद की जाए। दीदी, अब आपको क्या हो गया? क्यों अफवाह फैला रही हो आप? बंगाल के नागरिकों को आपने दुश्मन क्यों मान लिया है?

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कुछ साल पहले कोलकाता के बाहर आर्मी ड्रिल चला रही थी और तब दीदी ने तूफान खड़ा कर दिया था कि मोदी की सेना बंगाल से आ गई है।आज इस वामपंथ को भारत की जनता नकार चुकी है। उन्होंने कहा कि जो अब दुनिया से सिकुरते-सिकुरते कुछ कोने में है, उसी के दिग्गज कम्युनिस्ट पार्टी के प्रकाश करात जी ने कहा था,

धार्मिक उत्पीड़न की वजह से बंगालादेश से भारत आने वालों को मदद मिलनी चाहिए।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज इन्हीं लोगों के राजनीतिक दल शरणार्थियों को नागरिकता देने से मना कर रहे हैं, तो इनका असली चेहरा भी लोगों के सामने आ रहा है। वह हमदर्दी सिर्फ बहना था उस समय। ये लोग सिर्फ वोट बैंक की राजनीति कर सकते हैं।

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