#Periodपाठ: माहवारी मे साफ़ सफाई कैसे करे

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माननीय मेयर
श्रीमान सुनील गामा जी
उत्तराखंड सरकार , देहरादून ।

माहवारी के बारे में आज भी कई लड़कियां और महिलाये बात करने में झिझकती है ऐसे में कई लड़कियों को नहीं पता होता है की उन दिनों कैसे खुद को स्वच्छ रख्ने दरसअल माहवारी के दिनों में बाकि दिनों से भी ज्यादा खुद की स्वछता पर धियान देने की जरूरत होती है । वार्ना इस दौरान आपको इंफेक्शन आसानी से हो सकता है ।
आये जानते है की इन दिनों आपको किन बातो का धियान रखना चाहिए । कई गाउँ व् छोटे शेहरो में आज भी महिलाये माहवारी में कपड़े का इस्तेमाल करती है । जिसे धोकर और छुपाकर सूखने के कारण खुली हवा व् धुप लगने नहीं देती है ।
साथ ही बार बार उसी का इस्तेमाल करती है । जो गंभीर इन्फ़ैकशन को न्योता देता है । पैड का इस्तेमाल करे और हर ६ से ८ घंटे में अपना पैड बदल दे । लम्बे समय तक एक ही पैड को लगाने से पसीने व् आपकी योनि से जीवो के कारण आपका पैड नम रहता है ।

पैड का लम्बे समय तक नम एव गर्म स्थान पर रहने से योनि में इन जीवो की संख्या बढ़ जाती है । जिसे कई प्रकार की संक्रमण हो सकते है । वैसे तो आपको हमेशा ही अपने योनि को पानी से धोते रहना चाहये । व् उसे साफ़ और सूखा रखना चाहये । लेकिन माहवारी की दौरान इसकी सफाई और भी अहम् ज्यादा हो जाती है । इन दिनों की बिल्डिंग की कारण कारण खून योनि की आसपास भी लग जाता है ।
जिसे आपको तुरंत धोना चाहये ।इससे आपकी योनि से आने वाली दुर्गंद भी कम हो जाएगी ।

 

जैसे आप नहाते वक्त साबुन का इस्तेमाल अपने शरीर की जर्म्स को खत्म करने की लिए करती है । यह सोच क्र अक्सर महिलाये अपनी योनि की भी धोती है । लेकिन आपको साबुन का इस्तेमाल योनि पर नहीं करना चाहये । योनि की स्किन की लिए साबुन हार्ड होता है । क्योंकि आपकी योनि के जरूरी व् अच्छे वैक्टीरिया भी नष्ट कर देते है । आपकी योनि में दो प्रकार के वैक्टीरिया होते है । अच्छे व् बुरे अच्छे वैक्टीरिया वह हमेशा से स्वतः ही नष्ट करने में सक्षम होते है । इसलिए आप केवल गुनगुने पानी से अपनी योनि को साफ़ करे । अधिक वहाव में बार बार पैड बदलने के झंझट से बचने के लिए कई महिलाये एक ही में दो पैड लगा लेते है ।ये तरीका बिलकुल गलत है ।एक पैड की जितनी सोखने की छमता है ।वह उतना ही सोखेगा और दो पैड एक साथ लगाने से योनि में गरमी अधिक बढ़ेगी ,वैक्टीरिया अधिक पनपेंगे और ये सिर्फ दुर्गन्ध को न्योता देंगे ।साथ ही आपको असुबिधा भी होगा । अपनी योनि को साफ़ करते समय सही तरीके को अपनाना भी उतना ही जरूरी है । अपने हाथ को आगे से पीछे की और चलाये यदि आप पीछे से अगर की तरह मूव करते होए योनि को साफ़ करते है तब आपके ऐनस की तरफ मौजूद वैक्टीरिया आपकी योनि की तरफ आ जाते है ।और इन्फ़ैकशन हो जाता है ।ऐसे में आपको पता भी नहीं चल पता की इतनी बर्र धोने पर भी संक्रमण कैसे हुआ । इस्तेमाल किये गए पैड को पेपर या नैपकिन में लपेटकर कूड़ेदान में फेंके जैसा की बताया जा चूका है की गीले। पैड को लम्बे समय तक इस्तेमाल से आपकी जांघो व् गुप्त अंगों में लाल चकते पड़ सकते है । और उस हिस्से पर जलन भी हो सकती है ।इससे बचाव भी हो सकता है । पैड को समय समय पर बदलने से बचा जा सकता है |

 

 

महावारी के दिनों में अपनी बेग में हमेशा एक्स्ट्रा सैनेटरी नैपकिन टिस्सू पेपर हैंड सनेटिज़्सिएर अनीसेप्टिक दवा रख्ने। क्योंकि किसी भी वक्त इनकी जरूरत पड़ सकती है । इस्तेमाल किये गए पेड़ को कभी भी टॉयलेट में फ़्लैश न करे ।जब भी महावारी होती है तब हमे अपने शरीर को स्वस्छ रखना चाहये । हमे एक ही पैड को बार बार इस्तेमाल नहीं करना चाहये ।इससे हमे इन्फ़ैकशन हो सकता है । महावारी की दौरान हमे रोज नहाना चाहये ।और रोज कपडे बदलने चाहये और माहवारी के समय लापरवाही नहीं करनी चाहये ।

प्रेषक-मंतशा
क्लास – 6th
जी जी आई सी ब्रह्मपुरी देहरादून ।

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