चिट्ठी के ज़रिए अपने लोकल लीडर तक बात पहुंचाने के 5 असरदार टिप्स

किसी मुद्दे पर अपनी बात बड़े स्तर तक पहुंचाने, लोगों का ध्यान केंद्रित करने के लिए ओपन लेटर एक पावरफुल माध्यम बनकर उभरा है। ओपन लेटर के मुख्यत: दो उद्देश्य होते हैं,

  1. संबंधित मुद्दे के समाधान के लिए जिनको संबोधित करना है, उनका ध्यान आकर्षित करना।
  2. लोगों को उस मुद्दे के संबंध में एकत्रित करना, उन्हें उस मुद्दे को लेकर मोबिलाइज़ करना।

कुछ बातों का खयाल रखकर ओपन लेटर के ज़रिए बेहद ज़रूरी मुद्दों को सुलझाया जा सकता है। खासकर इंटरनेट के ज़माने में मास लेवल पर आवाज़ बुलंद करने के लिए यह एक सशक्त माध्यम के रूप में उभरा है, जिसके ज़रिए लोगों को मुद्दे की गंभीरता समझाते हुए बड़े स्तर पर उस मुद्दे के सपोर्ट में जोड़ा जा सकता है।

सबसे ज़रूरी है कि आपके द्वारा लिखा गया ओपन लेटर सही दिशा में लिखा गया हो, उसकी स्ट्रक्चर फ्रेमिंग सही हो, सीधे और सटीक तरीके से बात कही गई हो, सही व्यक्ति को टारगेट किया गया हो। कुल मिलाकर यह कह सकते हैं कि ओपन लेटर को एक सही फॉर्मूले के साथ लिखा गया हो।

तो आइए जानते हैं कि एक पावरफुल ओपन लेटर कैसे लिखा जा सकता है-

आप ओपन लेटर लिखने के लिए YKA के फॉर्मेट का इस्तेमाल कर सकते हैं-

Youth Ki Awaaz पर ओपन लेटर लिखकर आप बड़े स्तर पर अपनी बात लोगों तक पहुंचा सकते हैं। YKA पर ओपन लेटर लिखने के लिए सबसे पहले आपको YKA पर लॉग-इन करना होगा, जिसके बाद आप ‘Start Writing’ का बटन क्लिक करके अपना लेटर लिख सकते हैं। पब्लिशिंग से जुड़ी अन्य जानकारियों के लिए यहां क्लिक करें।

एक बार प्लैटफॉर्म पर लॉग-इन करने के बाद आप अपना लेटर पब्लिश कर सकते हैं। एक पारवफुल ओपन लेटर लिखने के लिए इस फॉर्मेट को फॉलो करें।

मुद्दे पर फोकस करते हुए लेटर संक्षिप्त में लिखें

इंटरनेट जहां आपकी बात लोगों तक पहुंचाने का एक सशक्त और सरल माध्यम है, वहीं इसके साथ कुछ चुनौतियां भी हैं। अगर आप सही तरीके से अपनी बात ना लिखें तो लोग अकसर आपकी बातों को ठीक से पढ़े या देखे बिना ही आगे बढ़ जाते हैं। इंटरनेट पर जबतक तक आपका कॉंटेंट बेहद दिलचस्प नहीं होता तबतक उसे पाठक नहीं मिलते हैं।

एक ज़रूरी ओपन लेटर लिखते हुए इन प्वाइंट्स पर ध्यान देना ज़रूरी है,

  • लेटर छोटा, साधारण यानी आसान शब्दों में लिखा गया हो।
  • लेटर में आप इधर-उधर की बातें ना करते हुए सीधे मुद्दे के पक्ष-विपक्ष जिस दिशा में अपनी बात करनी है, उससे संबंधित दो-तीन मज़बूत तर्क ज़रूर दें,
  • एक Clear Ask भी हो, यानि आप क्या चाहते हैं, आपकी मांग क्या है।
  • आप जितना बड़ा लेटर लिखेंगे, आपके लेटर के पढ़े जाने की संभावना उतनी ही कम हो जाएगी इसलिए लेटर के लेंथ का भी ज़रूर ख्याल रखें।
अपने अन्य साथियों के साथ ग्रेटा थनबर्ग

उदाहरण के लिए स्कूली स्टूडेंट्स द्वारा क्लाइमेट स्ट्राइक के संबंध में लिखा गया ओपन लेटर पढ़ा जा सकता है, इससे आपको एक बेहतर तरीके से आइडिया मिल सकता है कि कैसे अपने डिसिज़न मेकर को टारगेट करते हुए एक पावरफुल लेटर लिखा जा सकता है। इस लेटर ने क्लाइमेट चेंज की दिशा में दुनियाभार का ध्यान आकर्षित किया था, जिसमें ग्रेटा थनबर्ग के साथ ही 16 स्कूली बच्चों ने UN को संबोधित करते हुए खत यह लिखा था।

सही डिसिज़न मेकर को टारगेट करें

अगर आप अपने डिसिज़न मेकर से जल्द ही एक्शन चाहते हैं, आप चाहते हैं कि आप जिस मुद्दे को लेकर लेटर लिख रहे हैं, उसे डिसिज़न मेकर सही दिशा में जल्द ही आगे लेकर जाएं, तो आपको यह ध्यान रखना होगा कि आपने सही डिसिज़न मेकर का चुनाव किया हो। सही डिसिज़न मेकर के चुनाव के लिए सही से रिसर्च करने की भी ज़रूरत है।

अपनी मांग को एक्शन में बदलवाने के लिए सही डिसिज़न मेकर का चुनाव बेहद ज़रूरी है।

कौन होगा सही डिसिज़न मेकर-

  • जिसके पास आपकी मांग को एक्शन में बदलने का पावर हो,
  • जो उस मुद्दे से खुद भी जुड़ा हो।

जैसे एक खेल मंत्री किसी सड़क से जुड़ी समस्या के लिए सही डिसिज़न मेकर कभी नहीं हो सकता है। इसी तरह किसी स्कूल का सफाई कर्मचारी, स्कूल के वॉशरूम की मरम्मत के लिए सही डिसिज़न मेकर नहीं हो सकता है। हमें इस बात का ख्याल रखना बेहद ज़रूरी है कि जिनका हम चुनाव कर रहे हैं, उन्हें उस मुद्दे से फर्क पड़ता हो और उस मुद्दे में आगे एक्शन लेने का उनके पास सही पावर हो।

चिट्ठी को प्रासंगिक बनाएं

कई बार आप जिन मुद्दों पर लिखना चाहते हैं वह आपके पाठक वर्ग के लिए प्रासंगिक नहीं होता है। हमें कई बार लगता है कि यह मुद्दा प्रासंगिक है लेकिन पाठक वर्ग के नज़रिए से वह होता नहीं है। आपको अपने पाठक वर्ग को समझना बेहद ज़रूरी है कि वे क्या चाहते हैं, उनकी मांग क्या है, कौन सा मुद्दा उनके लिए प्रासंगिक है। इसके लिए आप सही  तरीके से रिसर्च करके ही अपना विषय फाइनल करें।

निकिता आज़ाद

उदाहरण के लिए आप निकिता आज़ाद का ओपन लेटर पढ़ सकते हैं। उन्होंने अपना ओपन लेटर सबरीमाला मंदिर के प्रमुख को संबोधित करते हुए लिखा था। इस ओपन लेटर को लिखते हुए उन्होंने इस बात का ख्याल रखा था कि इस मुद्दे से अन्य लोग भी कनेक्ट हो, उन्होंने ध्यान रखा कि यह मुद्दा दूसरों को भी कैसे प्रभावित कर सकता है या कर रहा है, जिसका असर यह हुआ कि निकिता के कैंपेन  #HappyToBleed को बड़ी संख्या में सपोर्ट मिला। उनका यह कैंपेन पीरियड्स से जुड़े स्टिग्मा को चुनैति देते हुए था।

चिट्ठी में समाधान की बात हो

अपनी चिट्ठी में समाधान की बात भी ज़रूर करें। आपको जो बदलाव चाहिए, उसके लिए एक्शन के लिए बात करें। जिस समाधान की मांग की जा रही है, वह कैसे संभव है। इससे आपके लोकल डिसिज़न मेकर और पाठक वर्ग दोनों को इस बात का सही से अंदाज़ा हो पाएगा कि आपके एक्शन की मांग किस दिशा में है।

अगर समाधान आपके लिए स्पष्ट ना हो तो ऐसी स्थिति में आप बता सकते हैं कि आप क्या देखना चाहते हैं, मतलब आप जो परिवर्तन देखना चाहते हैं, वह स्पष्ट रूप से व्यक्त करें। उदाहरण के लिए आप सोनम कपूर के ओपन लेटर को देख सकते हैं, इसमें उन्होंने विशेष रूप से किसी डिसिज़न मेकर को संबोधित नहीं किया है लेकिन इसमें बदलाव का एक स्पष्ट आह्वान है, जिसकी वजह से इसे व्यापक रूप में पढ़ा गया।

आपके पास है ओपन लेटर लिखकर ₹30,000 जीतने का मौका

आपके पास मौका है एक ओपन लेटर लिखकर ₹30,000 जीतने का। आपको अपने स्थानीय प्रतिनिधि से माहवारी स्वच्छता व्यवस्थाओं की मांग करते हुए ओपन लेटर लिखना होगा। प्रतियोगिता के बारे में विस्तार से जानने और हिस्सा लेने के लिए यहां क्लिक करें।

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